नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय| Narendra Modi Biography in hindi

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नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी जी ऐसी सख्शियत है, जोकि देश हो या विदेश सभी जगह प्रसिद्ध हैं. मोदी जी हमारे देश के 15 वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत है. सन 2014 और फिर 2019 के आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर मोदी जी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की. मानो पुरे देश में मोदी लहर सी आ गई है, अधिकतर भारतीय मोदी जी पर पूर्ण विश्वास रखे है कि वो उन्हें उज्जवल भविष्य देंगें . स्वतंत्रता के बाद ऐसी जीत हासिल करने वाले ये भारत के पहले प्रधानमंत्री बने. लगातार दूसरी बार मोदी जी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आये है. प्रधानमंत्री बनने के पहले से लेकर बाद तक इन्होंने भारत देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किये. हालाँकि मोदी जी बहुत से विवादों में भी घिरे पाए गए हैं, लेकिन इनकी नीतियों की हमेशा प्रशंसा की जाती रही है. मोदी जी ने अपने जीवन में क्या – क्या महत्वपूर्ण कार्य किये हैं एवं इनका अब तक का जीवन कैसा रहा यह सभी बातें आज हम इस लेख के माध्यम से आप तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं.

नरेंद्र मोदी जी का शुरूआती जीवन जन्म (Early life Narendra Modi)

नरेंद्र मोदी जी का जन्म गुजरात राज्य के मेहसाना जिले के एक छोटे टाउन वडनगर में हुआ. जब इनका जन्म हुआ था तब यह बॉम्बे में था किन्तु अब वर्तमान में यह गुजरात में स्थित है. नरेंद्र मोदी जी के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इनके पिता एक सड़क व्यापारी थे, जिन्होंने अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए काफी संघर्ष किया था. मोदी जी की माता एक गृहणी महिला है. मोदी जी ने बचपन में अपने परिवार का समर्थन करने के लिए अपने भाइयों के साथ रेलवे स्टेशन में और फिर बस टर्मिनल में चाय भी बेची. मोदी जी ने अपने बचपन के दिनों में हीकई कठिनाइयों और बाधाओं का सामना किया था, लेकिन अपने चरित्र और साहस की ताकत से उन्होंने सभी चुनौतियों को अवसरों में बदल दिया. इस तरह से इनका शुरूआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा था.

नरेंद्र मोदी जी के परिवार, आयु, जाति (Family, age, caste, wife)

मोदी जी का परिवार मोध – घांची – तेली समुदाय से है, जोकि भारत सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी से संबंध रखता है. नरेंद्र मोदी जी अपने माता – पिता की तीसरी संतान हैं. मोदी जी के बड़े भाई सोमा मोदी की उम्र वर्तमान में 75 वर्ष हैं, वे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रह चुके हैं. इनके दूसरे बड़े भाई अमृत मोदी एक मशीन ऑपरेटर हैं, जिनकी उम्र 72 साल है. इसके बाद मोदी जी के 2 छोटे भाई है, एक प्रहलाद मोदी जिनकी उम्र 62 साल हैं, वे अहमदाबाद में एक शॉप चलाते हैं, एवं दूसरे पंकज मोदी जो , कि गांधीनगर में सूचना विभाग में एक क्लर्क के रूप में कार्यरत हैं.

नरेन्द्र मोदी जी का विवाह – मोदी जी का विवाह घांची समुदाय की परम्पराओं के अनुसार 18 साल की उम्र में सन 1968 में जशोदा बेन चिमनलाल के साथ हुआ. रिपोटर्स के अनुसार, कहा गया है कि मोदी जी का अपनी पत्नी से तलाक़ नहीं हुआ था, लेकिन फिर भी वे दोनों एक – दूसरे से अलग हो गए. मोदी जी की पत्नी जशोदा बेन गुजरात के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य किया करती थी, जोकि अब रिटायर हो चुकी हैं. सभी लोग जानना चाहते है कि नरेन्द्र मोदी जी के कितने बच्चे है, हम आपको बता दे मोदी के कोई भी बच्चे नहीं है. शादी के कुछ दिन बाद ही अलग हो गए थे. नरेन्द्र मोदी जी का घर कहाँ है, इसका जबाब है कि अभी दिल्ली में जिसका नाम पंचवटी है, वैसे वे गुजरात के रहने वाले है.

नरेंद्र मोदी जी की शिक्षा एवं शुरुआती करियर (Narendra Modi’s Education and Starting Career)

नरेंद्र मोदी जी की शुरूआती शिक्षा वडनगर के स्थानीय स्कूल से पूरी हुई, उन्होंने वहां सन 1967 तक अपनी हायर सेकेंडरी तक की पढ़ाई पूरी कर ली थी. उसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण उन्होंने अपना घर छोड़ दिया था, और फिर उन्होंने पूरे भारत में भ्रमण कर विविध संस्कृतियों की खोज की.
इसके लिए मोदी जी ने उत्तर भारत में स्थित ऋषिकेश एवं हिमालय जैसे स्थानों का दौरा किया. उत्तर पूर्व के हिस्सों में दौरा करने के 2 साल बाद वे भारत लौटे. इस तरह से मोदी जी ने अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ साल तक अपनी आगे की पढ़ाई नहीं की.
फिर मोदी जी ने सन 1978 में अपनी उच्च शिक्षा के लिए भारत के दिल्ली यूनिवर्सिटी में एवं उसके बाद अहमदाबाद में गुजरात यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया. वहां उन्होंने राजनीति विज्ञान में क्रमशः स्नातक एवं स्नातकोत्तर किया.
एक बार मोदी जी के एक शिक्षक ने बताया था, कि मोदी जी पढ़ाई में सामान्य थे, किन्तु वे पुस्तकालय में ज्यादातर अपना समय बिताया करते थे. उनकी वाद – विवाद की कला बेहतरीन थी.

नरेंद्र मोदी जी के राजनीतिक करियर की शुरुआत (Narendra Modi’s Starting Political Career)

अपनी कॉलेज की पढ़ाई के बाद मोदी जी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हो कर फुलटाइम प्रचारक के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) जोकि एक हिन्दू राष्ट्रवादी राजनीतिक दल हैं में शामिल होने के लिए अहमदाबाद गये.
सन 1975 – 77 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाये गये राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में प्रतिबंध लगा दिया गया था. जिसके कारण मोदी जी को उस समय अंडरग्राउंड होने के लिए मजबूर होना पड़ा एवं गिरफ़्तारी से बचने के लिए भेस बदल कर यात्रा किया करते थे.
आपातकाल के विरोध में मोदी जी काफी सक्रीय रहते थे. उन्होंने उस समय सरकार का विरोध करने के लिए पर्चे के वितरण सहित कई तरह के हथकंडे अपनाये. इससे उनका प्रबंधकीय, संगठनात्मक और लीडरशिप कौशल सामने आया.
इसके बाद नरेन्द्र मोदी राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में शामिल हो गये. इन्हें आरएसएस में लेखन का काम सौंपा गया था.
सन 1985 में आरएसएस द्वारा मोदी जी ने भारतीय जनता पार्टी यानि बीजेपी पार्टी में सम्मिलित होने के बारे में सोचा. सन 1987 में नरेंद्र मोदी जी पूरी तरह से बीजेपी में शामिल हो गए, और पहली बार उन्होंने अहमदाबाद नगरपालिका चुनाव में भाजपा के अभियान को व्यवस्थित करने में मदद की, इसमें भाजपा की जीत हुई.

नरेंद्र मोदी जी का राजनीतिक करियर (Narendra Modi’s Political Career)

सन 1987 में नरेंद्र मोदी जी का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद रैंक के माध्यम से तेजी से उदय हुआ, क्योंकि वे एक बहुत ही बुद्धिमानी व्यक्ति थे. उन्होंने व्यवसायों, छोटे सरकारी एवं हिन्दू मूल्यों के निजीकरण को बढ़ावा दिया. इसी साल इन्हें पार्टी के गुजरात ब्रांच के महासचिव के रूप में चुना गया.
सन 1990 में एल के आडवानी जी की अयोध्या रथ यात्रा के संचालन में मदद करने के बाद पार्टी के भीतर मोदी जी की क्षमताओं को मान्यता मिली, जो उनका पहला राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक कार्य बन गया.
उसके बाद सन 1991-92 में मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा हुई. मोदी जी ने सन 1990 में गुजरात विधानसभा चुनावों के बाद गुजरात में भाजपा की उपस्थिति को मजबूत करने में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी.
सन 1995 के चुनावों में पार्टी ने 121 सीटें जीतीं, जिससे गुजरात में पहली बार भाजपा की सरकार बनी. पार्टी थोड़ी समय के लिए सत्ता में रही, जो सितंबर 1996 में समाप्त हो गई.
सन 1995 में मोदी जी को हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में गतिविधियों को संभालने के लिए भाजपा का राष्ट्रीय सचिव चुना गया, और वे नई दिल्ली में स्थानांतरित हो गए.
सन 1998 में जब भाजपा में आंतरिक लीडरशिप विवाद चल रहा था, तब मोदी जी ने उस दौरान भाजपा की चुनाव जीत का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे विवादों को सुलझाने में सफलतापूर्वक मदद मिली.
इसके बाद इसी साल मोदी जी महासचिव नियुक्त किये गये. इस पद में वे सन 2001 तक कार्यरत थे. उस दौरान मोदी जी को विभिन्न राज्यों में पार्टी संगठन को फिर से लाने की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने का श्रेय दिया गया था.

नरेंद्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में (Narendra Modi As a Chief Minister of Gujarat)

नरेंद्र मोदी जी ने पहली बार सन 2001 में विधान सभा चुनाव लड़ा, और राजकोट में 2 में से एक सीट जीती. जिसके बाद वे गुजरात के मुख्यमंत्री बन गए. दरअसल उस समय केशुभाई पटेल का स्वास्थ्य ख़राब हो गया था और दूसरी तरफ उपचुनाव में भाजपा राज्य की कुछ विधानसभा सीटें हार गई थी. जिसके बाद बीजेपी की राष्ट्रीय लीडरशिप केशुभाई पटेल के हाथ से लेकर मोदी जी को थमा दी गई थी और उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार सौंपा गया.
7 अक्टूबर सन 2001 को मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. इसके बाद उनकी एक के बाद एक जीत निश्चित होती चली गई.
सबसे पहले उन्होंने 24 फरवरी 2002 में राजकोट के ‘द्वितीय निर्वाचन क्षेत्र’ के लिए उपचुनाव जीता. उन्होंने कांग्रेस के अश्विन मेहता को 14,728 वोटों से हराया.

सन 2002 में गुजरात दंगे में नरेंद्र मोदी को मिली ‘क्लीन चिट ( 2002 Gujarat riots)

नरेंद्र मोदी जी के उपचुनाव जीतने के 3 दिन बाद गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा की एक बहुत बड़ी घटना हुई, जिसके परिणामस्वरुप 58 लोगों की हत्या कर दी गई थी. क्योंकि उस समय गोधरा के पास सैकड़ों यात्रियों से भरी एक ट्रेन में जिसमे ज्यादातर हिन्दू यात्री थे, उसमें आग लगा दी गई थी. इस घटना से मुस्लिमों के विरोध में यह घटना हुई थी. जिससे यह पूरे गुजरात में फ़ैल गया. और गुजरात में सांप्रदायिक रूप से दंगे होने लगे. इस दंगे में लगभग 900 से 2,000 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी.

उस दौरान राज्य में मोदी जी की सरकार थी, जिसके कारण उन पर इस दंगे को फ़ैलाने का आरोप लगाया गया था. मोदी जी पर लगाये गये आरोप के चलते उन पर चारों तरफ से दबाव बढ़ गया था, जिसके कारण उन्हें अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसलिए मोदी जी का उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री का कार्यकाल केवल कुछ महीनों का ही बस था. फिर सन 2009 में इससे संबंधित सुप्रीमकोर्ट ने एक दल बनाया, जोकि इस मामले की जाँच करने के लिए बनाया गया था. इस दल का नाम एसआईटी था. इस दल ने पूरी तरह से जाँच करने के बाद सन 2010 में सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें मोदी जी को इस मामले में ग्रीन सिग्नल दे दिया गया. हालाँकि सन 2013 में इस जाँच दल के ऊपर आरोप लगाया गया, कि उन्होंने मोदी जी के खिलाफ मिले सबूतों को छिपाया है.

नरेंद्र मोदी जी की सन 2014 के आम चुनाव में भूमिका (Narendra Modi’s Role in General Election 2014)

नरेंद्र मोदी जी के चौथी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के एक साल बाद जून में उन्हें भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष बना दिया गया. और वे इस तरह से सन 2014 में होने वाले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में दिखाई दिए. जिसके चलते मोदी जी को अपना गुजरात का मुख्यमंत्री पद त्यागना पड़ा. हालांकि उस दौरान लाल कृष्ण आडवाणी जी के साथ बीजेपी के कुछ सदस्यों ने इस चीज का विरोध किया था. किन्तु फिर भी मोदी जी ने उस दौरान वाराणसी और वडोदरा दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी. और आने वाले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में अपनी जगह बना ली थी.
इस चुनाव के दौरान मोदी जी ने पूरे देश में लगभग 437 चुनावी रैलियां की, इन रैलियों में मोदी जी ने कई सारे मुद्दों को जनता के सामने रखा, जिससे जनता ने प्रभावित होकर बीजेपी को वोट दिया. फिर सन 2014 के आम चुनाव में बीजेपी की जीत एक ऐतिहासिक जीत बन गई थी. इस साल बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के आधार पर 534 में से 282 सीटें अपने नाम की. और इस तरह से नरेंद्र मोदी जी भारत के प्रधानमंत्री के रूप में एक नया चेहरा बन गये.

नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री दूसरी बार (Second term as Prime minister)

2019 लोकसभा चुनाव में मोदी जी का परचम फिर छाया रहा. मोदी क्रांति ने दुसरे दलों को बहुत पीछे छोड़ दिया. नरेन्द्र मोदी जी की पूर्ण बहुमत के साथ 303 सीट प्राप्त कर अभूतपूर्व जीत हुई. भारत के इतिहास में पहली बार है कि किसी नेता ने लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ इतनी बड़ी जीत हासिल की है. भारत की जनता ने इस बार अपना प्रधानमंत्री खुद चुना है, और सबने मोदी जी पर पूर्ण विश्वास दिखाया है. मोदी लहर कहो या मोदी क्रांति, इस बार भारत के ये लोकसभा चुनाव पूरी दुनिया में छाए रहे. मोदी की वाहवाही चारों और थी. नरेन्द्र मोदी जी के पिछले पांच सालों के काम से जनता बहुत खुश थी, जिसके चलते जनता उन्हें एक बार और मौका देना चाहती थी. उन्नत भारत के लिए लोगों को मोदी जी से बहुत उम्मीद है. मोदी जी ने भी कहा “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास = विजयी भारत”. मोदी जी ने इस जीत को बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल बोला.

मोदी जी प्रधानमंत्री के रूप में अगली पारी शुरू कर रहे है, हमें उम्मीद है कि पिछली बार की तरह वे पुरे देशवासियों की उम्मीद में खरे उतरेंगें, और भारत देश को नई ऊँचाइयों में ले जायेंगें.

नरेंद्र मोदी जी की उपलब्धियां (Narendra Modi’s Awards and Achievments)

सन 2007 में इंडिया टुडे मैगज़ीन द्वारा किये गये एक सर्वे में मोदी जी को देश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री के रूप में नामित किया गया था.
सन 2009 में एफडी मैगज़ीन में उन्हें एफडीआई पर्सनालिटी ऑफ़ द ईयर पुरस्कार के एशियाई विजेता के रूप में सम्मानित किया गया.
इसके बाद मार्च सन 2012 में जारी टाइम्स एशियाई एडिशन के कवर पेज पर मोदी जी की फोटो छापी गई थी.
सन 2014 में मोदी जी का नाम फोर्ब्स मैगज़ीन में दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची में 15 वें स्थान पर रहा. इसी साल टाइम्स ऑफ़ इंडिया द्वारा दुनिया के 100 सबसे शक्तिशाली लोगों में भी मोदी जी का नाम सूचीबद्ध किया गया था.
सन 2015 में ब्लूमबर्ग मार्केट मैगज़ीन में मोदी जी का नाम दुनिया के 13 वें सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में था. और साथ ही इन्हें इसी साल टाइम मैगज़ीन द्वारा जारी इन्टरनेट सूची में ट्विटर और फेसबुक पर 30 सबसे प्रभावशाली लोगों में दूसरे सबसे अधिक फॉलो किये जाने वाले राजनेता के रूप में इन्हें नामित किया गया था.
सन 2014 एवं 2016 में मोदी जी का नाम टाइम मैगज़ीन के पाठक सर्वे के विजेता के रूप में घोषित किया गया था.
साल 2016 में ही अप्रैल माह की 3 तारीख को मोदी जी को सऊदी अरबिया का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार अब्दुलाज़िज़ – अल – सऊद के आदेश पर दिया गया था. एवं 4 जून को अफ़ग़ानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार घाज़ी आमिर अमानुल्लाह खान के राज्य आदेश पर दिया गया था.
साल 2014, 2015 एवं 2017 में भी मोदी जी का नाम टाइम मैगज़ीन में दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल था. एवं सन 2015, 2016 एवं 2018 को फोर्ब्स मैगज़ीन में दुनिया के 9 सबसे शक्तिशाली लोगों में शामिल था.
10 फरवरी, सन 2018 में इन्हें विदेशी डिग्निटरीस के लिए पलेस्टाइन का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘पलेस्टाइन राज्य के ग्रैंड कोलार’ के साथ सम्मानित किया गया था.
27 सितंबर, 2018 को नरेंद्र मोदी जी को चैंपियंस ऑफ़ अर्थ अवार्ड प्रदान किया गया था, जोकि यूनाइटेड नेशन का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान है, और यह अवार्ड 5 अन्य व्यक्तियों और संगठनों को भी प्रदान किया गया था, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस की लीडरशिप के लिए और सन 2022 तक प्लास्टिक के उपयोग को खत्म करने के लिए संकल्प लिया था.
साल 2018 में ही 24 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ग्लोबल आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मोदी जी के योगदान के लिए उन्हें सीओल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
इस साल 22 फरवरी, सन 2019 को मोदी जी ने प्रतिष्ठित सीओल शांति पुरस्कार 2018 प्राप्त किया. और साथ ही मोदी जी का नाम दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना शुरू करने के लिए इस साल के ‘नॉबेल शांति पुरस्कार’ के लिए भी नामांकित किया गया है.
इस तरह से मोदी जी ने अपने मुख्यमंत्री बनने से लेकर प्रधानमंत्री बनने के बाद तक के कार्यकाल में काफी सारी उपलब्धियां अपने नाम की है और आगे भी करते रहेंगे

नरेंद्र मोदी जी कोरोनाकाल में कार्य ( Work done in COVID)

पिछले साल कोरोना ने भारत में दस्तक दी जिसने दुनियाभर में अपना तांडव मचाना शुरू कर दिया था. इस बीच मोदी जी ने बेहतरीन काम किया. उन्होंने समय रहते मार्च के महीने में देश में सम्पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया. लोगों को घर पर रहने के लिए कहा गया. ताकि कोरोना वायरस की चैन को तोड़ा जा सकें. इस दौरान मोदी जी ने लोगों का और साथ ही डॉक्टर्स, स्वास्थ्यकर्मी एवं पुलिसकर्मी आदि का मनोबल बढ़ाने का भी प्रयास किया. उन्होंने लोगों को थाली बजाने एवं दिए जलाने जैसे टास्क दिए जिससे लोग एक जुट हुए और उन्होंने उनका साथ दिया. करीब 2 महीने तक देश में लॉकडाउन लगा रहा, फिर इसे धीरे धीरे खोला गया. 2 महीने तक लॉकडाउन लगे रहने की वजह से देश के गरीबों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी, लेकिन मोदी सरकार ने विभिन्न योजनायें चलते हुए उन्हें राहत प्रदान की. मोदी जी ने लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया. इसके लिए भी उन्होंने योजनायें बनाई.

मोदी जी एक तरफ जहां कोरोना को अपने देश में ख़तम करने के लिए लोगों का मनोबल बढ़ा रहे थे और उन्हें राहत प्रदान कर रहे थे, तो दूसरी ओर विभिन्न पड़ोसी देश के लोग भी उनसे सहायता की गुहार कर रहे हैं तब मोदी जी ने उनका भी साथ दिया. अमेरिका में कोरोना वैक्सीन तैयार की जा रही थी. मोदी जी ने उनके साथ भी समन्वय बना कर रखा और वैक्सीन भारत में लेकर आये. हालांकि मोदी जी ने भारत में ही वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों का समर्थन करते हुए उन्हें कोरोना वैक्सीन बनाने की मंजूरी भी दी. आज भारत में कोरोना की 3 तरह की वैक्सीन मौजूद है. इस साल कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक दी, यह लहर पहली लहर के मुकाबले बहुत अधिक खतरनाक साबित हुई. इसमें भी उन्होंने लोगों की मदद करने के लिए वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास किया. केंद्र सरकार के अनुसार दिसंबर तक सम्पूर्ण भारत में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

FAQ
Q : नरेंद्र मोदी का पूरा नाम क्या है?
Ans : नरेंद्र दामोदरदास मोदी

Q :नरेंद्र मोदी का जन्म कब आता है?
Ans : 17 सितंबर 1950

Q : नरेंद्र मोदी का जन्म स्थान क्या है?
Ans : वडनगर मुंबई स्टेट वर्तमान में गुजरात

Q : नरेंद्र मोदी की जाति क्या है?
Ans : मोद घाची, ओबीसी

Q : नरेंद्र मोदी की माता एवं पिता का नाम क्या है
Ans : माता हीराबेन, पिता स्वर्गीय श्री दामोदरदास मूलचंद मोदी

Q : नरेंद्र मोदी के भाई बहन का नाम क्या है
Ans : सोम मोदी
अमृत मोदी
प्रहलाद मोदी
पंकज मोदी
वसंतीबेन हसमुखलाल मोदी

Q : नरेंद्र मोदी की पत्नी का नाम क्या है
Ans : जशोदाबेन

Q : नरेंद्र मोदी का विवाह कब हुआ था
Ans : 1968

Q : नरेंद्र मोदी पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री कब बने
Ans : 2001

Q : नरेंद्र मोदी जी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में किस दिन शपथ ग्रहण की थी ?
Ans : 7 अक्टूबर 2001

Q : नरेंद्र मोदी पहली बार कब प्रधानमंत्री बने ?
Ans : 2014

Q : नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद के लिए किस दिन शपथ ग्रहण की ?
Ans : 26 मई 2014

Q : नरेंद्र मोदी के पहले चुनाव में बीजेपी ने कितनी सीट हासिल की थी
Ans : 282

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